संस्थान के बारे में संक्षिप्त जानकारी
उद्देश्य एवं कार्य
- जन-साधारण का सामाजिक, मानसिक, नैतिक, चारित्रिक, शैक्षिक व आध्यात्मिक विकास करना।
- ज्ञान वर्धन हितार्थ पुस्तकालय एवं वाचनालय की निःशुल्क व्यवस्था करना।
- अस्पताल, औषधालय, अनुसंधान शालाओं एवं रसायन शालाओं का संचालन एवं स्थापना करना।
- समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विचार गोष्ठी, सेमिनार सम्मेलन खेलकूद प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, जागरूकता शिविर, राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सद्भावना का प्रचार प्रसार करना।
- शैक्षिक विकास हेतु नर्सरी, प्राइमरी, पाठशाला, स्कूल, कालेज, मदरसा/महाविद्यालय लिना मैनेजमेन्ट, मेडिकल, इंन्जीनियरिंग, टेक्नीकल, सांस्कृतिक विद्यालयो/ प्रोफेशनल कालजों/बालिका विद्यालयो/विकलांग विद्यालयो अल्पसंख्यक विद्यालयो की स्थापना करना जिनमे प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च स्तर तक शिक्षा व्यवस्था शासन के मानको के अनुसार करना।
- प्रौढ़ शिक्षा अनौपचारिक शिक्षा, कम्प्यूटर शिक्षा, इलेक्ट्रानिक शिक्षा, कृषि शिक्षा, टाईप शार्टहैण्ड शिक्षा, प्रतियोगात्मक शिक्षा दिलाने की व्यवस्था निःशुल्क करना।
- समाज के मूक बधिरों, विकलांगों, नेत्रहीनों, विधवाओं, बृद्धों, निराश्रितों, एवं बेरोजगारों, अनुसूचित जनजातियों, अल्पसंख्यकों, दलितों, पिछड़ी जातियों एवं शोषित वर्ग के लोगों के उत्थान एवं कल्याण हेतु निःशुल्क कार्य करना।
- क्षेत्र के लोगों का अपना जीवन स्तर उठाने हेतु मुख्यता खादी व ग्रामोद्योगिक गतिविधियों को अपनाना प्रोत्साहन देना तथा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार करना।
- जड़ी बूटियों एवं प्राकृतिक बन औषधियों को उगाना एवं उनकी उपयोगिता के बारें में लोगो को जानकारी देना तथा जड़ी बूटियों से लोगो का निःशुल्क उपचार करना।
- खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, अखिल भारतीय खादी तथा ग्रामोद्योग आयोग की प्रवृत्ति व पैटर्न के अनुसार ग्रामोद्योग का प्रचार प्रसार करना।
- समाज कल्याण विभाग उ0प्र0 केन्द्रीय एवं राज्य समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड कपार्ट, अवार्ड, सिडवी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूनीसेफ, ड्वाकरा, सिफ्सा, सैफ इंडिया, राजीव फाउण्डेशन, नौराड आक्सफेम इंडिया, केयर, राष्ट्रीय महिला कोष, विश्व बैंक, सूडा, डूडा, विश्व स्वास्थ संगठन, अल्पसंख्यक विभाग उ0प्र0 एवं केन्द्रीय महिला एवं विकास कार्यक्रमो तथा ग्रामीण स्वच्छता तथा ग्रामीण एवं नगरीय विकास परियोजनाओं का प्रचार प्रसार करना।
- हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत भाषा तथा भारतीय संस्कृति एवं कला का प्रचार प्रसार करना तथा साहित्यक, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक कलात्मक, तकनीकी शिक्षा के माध्यम से बालक/बालिकाओं को आदर्श नागरिक बनाने का प्रयास करना।
- पर्यावरण संरक्षण, नशा उन्मूलन, परिवार कल्याण एवं यौन शिक्षा, स्वास्थ कल्याण टीकाकरण व वृक्षारोपण सामाजिक वानिकी कुष्ठ उन्मूलन, दहेज उन्मूलन, दहेज बागवानी विकास, ऊसर बंजर भूमि सुधार, वैकल्पिक ऊर्जा विकास कार्यक्रम, हरियाली कार्यक्रम प्रदूषण नियंत्रण, पशु पक्षी जीव जन्तु संरक्षण, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, पशु पालन, दुग्ध विकास आदि कार्यक्रर्मों का प्रचार प्रसार करना।
- महिलाओं/बालिकाआरों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, शिल्पकला, संगीत, नृत्य, ब्यूटीशियन, फैशन, खाद्यप्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिलाकर उनमें स्वालम्बन की भावना जागृत करना।
- जन हितार्थ चिकित्सालय, अनाथालय, छात्रावास, व्यायामशाला, विधवा आश्रम, वृद्धा आश्रम, शिशुपालन गृह, बालवाड़ी, आंगनबाड़ी, आदि का प्रचार प्रसार करना।
- ग्रामीण स्वच्छता, शुद्ध पेय जल एवं जल व भूमि प्रबंधन कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार करना व संचालन करना तथा मलिन बस्तियों के निवासियों हेतु सफाई, हैण्डपम्प, जल प्रवाहित शौचालय, की निःशुल्क व्यवस्था/प्रचार प्रसार करना।
- अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को अल्पसंख्यक विभाग के नियमानुसार शिक्षा दिलाने की निःशुल्क व्यवस्था करना।
- एड्स कैन्सर, पोलियो, टी०बी०, हेपेटाइटिस, मधुमेह आदि जानलेवा बीमारियों की पहचान व रोकथाम हेतु जागरूकता शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरुक करना।
- दैवीय आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, अग्निकांड, भूकम्प, ओलावृष्टि, तूफान के समय पीड़ितों की हर सम्भव सहायता करना
- समाज के मेधावी एवं निर्धन छात्रों को शिक्षा एवं पुस्तकीय सहायता, पुष्टाहार तथा शैक्षिक परिभ्रमण की निःशुल्क व्यवस्था करना।
- टाइसेम योजना/एकीकृत ग्राम्य विकास योजनान्तार्गत महिलाओं तथा बेरोजगारों को व्यवसायिक प्रशिक्षण दिलाकर स्वावलम्बी बनाना।
- अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति व अल्पसंख्यक वर्ग, विकलांगों तथा समाज के सभी वर्गों के जरूरतमंद छात्र/छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति व सहायता समाज कल्याण विभाग व सरकार से प्राप्त करना तथा जरूरतमंद छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति व सहायता देना।
- कृषि विकास हेतु आधुनिक कृषि यन्त्रों, उर्वरक, बीज, सिंचाई के साधन तथा कृषि से सम्बन्धित अन्य जानकारी कृषिको को दिलाना जिससे कृषि उपज को बढ़ावा मिल सकें।
- किसानों को वैज्ञानिक रूप से कृषि कार्य करने हेतु उत्तम प्रकार के बीज खाद कीटनाशक दवायें तथा हर प्रकार की जानकारी देने हेतु सेमिनार गोष्ठी, आदि के माध्यम से कृषिको का उत्थान करना तथा कृषि विविधीकरण की परियोजनाओं से किसानों को लाभान्वित कराये जाने हेतु हर सम्भव प्रयास करना।
- राष्ट्रीय हित के कार्यक्रमों में जन सहभागिता सुनिश्चत करने के लिए प्रयास करना व इसके लिए लोगो को जागृत करना।
- परिवार नियोजन सम्बन्धी निःशुल्क सलाह देना एवं उसका प्रचार एवं प्रसार करना।









